Author: Vedant Khandelwal

Once you understand how your words affect someone's whole life, their decisions, their behaviour, their view about themselves and about the world, you will surely think before you speak. You will understand what really matters!
scenic view of the forest during sunrise
हर पेड़ कुछ कहता है, बस हम रुक के सुनना नहीं चाहते। पहले हर जगह पेड़ थे, अब हम रोड ट्रिप पे जाते हैं पेड़ देखने। आपने समय निकाला, अच्छा लगा!
कभी किसी को देख के लगता है की ये कुछ अलग ही है, इसके अंदर कुछ अलग करने की चाह है। कुछ ऐसे ही लोगों की कहानी लिखी है इस कविता में।
यह कविता मेरी दिवंगत मां को समर्पित है। माँ, आपकी आहट को तरसता हुँ।
तू कैसे समझ लेती थी मुझे? माँ और बच्चे के प्रेम पे हिंदी कविता। एक छोटा बच्चा किस तरह से अपनी और अपनी माँ की कहानी बयान करता है।
कभी मजबूरी तो कभी ज़रुरत। हम में से बहुत से लोगों को घर छोड़ के बहार रहना पड़ा। कुछ पंक्तियाँ हैं उसी अनुभव के बारे में - घर से निकलते ही
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