Category: Hindi

भारत वर्ष में और सनातन धर्म में प्रश्न करना कोई गलत बात नहीं है, बल्कि उसे सत्य और ज्ञान की परीक्षा का रूप दिया गया है। प्रश्न करना गलत नहीं है, गलत है अंध-विश्वास, गलत है ज्ञान ना होना, गलत है बिना प्रश्न के गलत राह पे चलना, क्यूंकि बाकी सब भी वही कर रहे हैं। इसी विचार से प्रेरित हो के मैंने यह कविता लिखी है। आशा करता हूँ आपको पसंद आएगी।
मैंने कृष्ण जी के लिए कुछ लिखने की सोचा, जिन्होंने हमें ऐसी अद्भुत रचना भेंट की।
यह कविता मेरे दिल के बहुत करीब है, क्योंकि इसमें मेरी बचपन की बहुत सारी यादें हैं। यह मेरी बहनों के बारे में है। मेरी तीन प्यारी बहनें। सच कहूं, तो बचपन का बहुत कुछ याद नहीं,लेकिन कुछ यादें ऐसी हैं लगता है कल की ही हैं। कुछ मासूमियत भरी, तो कुछ जिनमे खुशियां हैं […]
कभी किसी को देख के लगता है की ये कुछ अलग ही है, इसके अंदर कुछ अलग करने की चाह है। कुछ ऐसे ही लोगों की कहानी लिखी है इस कविता में।
यह कविता मेरी दिवंगत मां को समर्पित है। माँ, आपकी आहट को तरसता हुँ।
तू कैसे समझ लेती थी मुझे? माँ और बच्चे के प्रेम पे हिंदी कविता। एक छोटा बच्चा किस तरह से अपनी और अपनी माँ की कहानी बयान करता है।
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