Category: Experience

जब छोटे थे तो,हम सब बड़ा बनना चाहते थे। अब जब बड़े हो गए हैं तो लगता है असली आज़ादी बचपन में ही थी। अब यही पूछता हूँ ख़ुद से की - मुझे बड़ा क्यों होना था?
एक छोटी सी कहानी middle class वालों की। अगर किसी को सच लगे तो भी बताना और अगर किसी को बुरा लगे... सच तो सच ही है न भाई , बुरा मान के क्या कर लोगे! ;-) :P
आज गुरु पूर्णिमा पे , मेरी तरफ से एक छोटी सी हिंदी कविता, जो बताती है की गुरु है समय और समय का महत्व क्या है।
After seeing so much after effects of Fake News, I decided to finally write something on it. Worst thing this fake news has done is that now friends are fighting due to such fake news, on whatsapp and in facebook comment box.
hostel life
हॉस्टल के दिन - a hindi poem on hostel life. I am sure you'll find it to be nostalgic.
Main nahi to kuch nahi... A poetry about energy... हर युग भी मैं … हर युग में मैं … मैं अणु हूँ … ब्रह्माण्ड भी …
Archives
Follow by Email
LinkedIn
LinkedIn
Share
Instagram